Indian Coast Guard Fast Patrol Vessels

Indian Coast Guard Fast Patrol Vessels

भारतीय तटरक्षक बल ने 24 अक्टूबर 2025 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में दो उन्नत फास्ट पेट्रोल पोत आईसीजीएस अजित और आईसीजीएस अपराजित लॉन्च किए। ये पोत आठ स्वदेशी निर्मित एफपीवी श्रृंखला में सातवें और आठवें हैं, जो 52 मीटर लंबे और 320 टन विस्थापन वाले हैं। इनमें कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर तकनीक है और ये मत्स्य संरक्षण, तटीय गश्त, तस्करी रोधी, समुद्री डकैती रोधी तथा खोज और बचाव कार्यों में सक्षम हैं।

कोयला मंत्रालय विशेष अभियान 5.0

coal ministry

कोयला मंत्रालय और उसके सार्वजनिक उपक्रमों ने विशेष अभियान 5.0 के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 1,205 स्थानों की सफाई कर 68,04,087 वर्ग फुट क्षेत्र साफ किया गया। 5,813 MT स्क्राप का निपटान कर 22.87 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। 1,11,248 भौतिक और 30,331 इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समीक्षा की गई। 80 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत का जीर्णोद्धार और संगीत कक्ष जैसी नवोन्मेषी पहल की गईं।

AYUSH-ICMR हेपेटोबिलियरी वेलनेस राष्ट्रीय सेमिनार

ayush ministry

आयुष मंत्रालय और ICMR 25-26 अक्टूबर 2025 को भुवनेश्वर में “हेपेटोबिलियरी वेलनेस थ्रू आयुर्वेद” राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित कर रहे हैं। यह सेमिनार “यकृत सुरक्षा, जीविता रक्षा” थीम के साथ आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। CCRAS-CARI और ICMR-RMRC के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 58 वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ और 20 आदिवासी चिकित्सक भाग लेंगे।

रोजगार मेला और रोजगार पहल

pm adressing rojgar mela

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेला को संबोधित किया। 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। रोजगार मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। प्रतिभा सेतु पोर्टल यूपीएससी के अंतिम सूची में पहुंचे उम्मीदवारों के लिए अवसर प्रदान करता है। जीएसटी बचत उत्सव ने मांग, उत्पादन और रोजगार को गति दी है। पीएम विकसित भारत रोजगार योजना का लक्ष्य 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार देना है।

INS विक्रांत

ins vikrant

आज का विषय INS विक्रांत – भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत और नौसेना क्षमता में मील का पत्थर पर केंद्रित है। यह विषय UPSC, UPPSC, SSC और रेलवे परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सैन्य क्षमताओं और भारत की रणनीतिक स्थिति से संबंधित है। INS विक्रांत के बारे में जानकारी छात्रों को रक्षा और सुरक्षा से संबंधित प्रश्नों के सही उत्तर देने में मदद करेगी।