जल जीवन मिशन / Jal Jeevan Mission

जल जीवन मिशन / Jal Jeevan Mission

जल जीवन मिशन ने 15.72 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित नल का जल उपलब्ध कराकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मिशन के शुभारंभ (2019) के समय केवल 3.23 करोड़ परिवारों के पास नल का जल उपलब्ध था, जबकि अब 12.48 करोड़ अतिरिक्त परिवार जुड़ चुके हैं। इस मिशन के लिए केंद्र सरकार ने ₹2.08 लाख करोड़ का आवंटन किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इससे प्रतिदिन 5.5 करोड़ घंटे का समय बचेगा और 4 लाख दस्त से होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा। मिशन से 3 करोड़ व्यक्ति-वर्ष रोजगार सृजन की संभावना है।

NAKSHA कार्यक्रम राष्ट्रीय कार्यशाला / NAKSHA Programme National Workshop

NAKSHA कार्यक्रम राष्ट्रीय कार्यशाला / NAKSHA Programme National Workshop

भूसंसाधन विभाग (DoLR) और LBSNAA के बी एन युगंधर सेंटर फॉर रूरल स्टडीज (BNYCRS) ने संयुक्त रूप से 27-28 अक्टूबर 2025 को मसूरी में NAKSHA कार्यक्रम पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस दो-दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में जिला कलेक्टरों को NAKSHA कार्यक्रम के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन के लिए तैयार करना है। कार्यशाला में डॉ. बगड़ी गौतम और श्री मनोज जोशी ने संबोधित किया। NAKSHA कार्यक्रम शहरी भू-अभिलेखों में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

महा मेडटेक मिशन / Maha MedTech Mission

महा मेडटेक मिशन / Maha MedTech Mission

अनुसंधान राष्ट्रीय शोध फाउंडेशन (ANRF) ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से महा मेडटेक मिशन लॉन्च किया है। यह ऐतिहासिक पहल भारत के मेडिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में नवाचार को तेज करने, उच्च लागत वाले आयातों पर निर्भरता कम करने और सस्ती व उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखती है। इस मिशन के तहत प्रति परियोजना ₹5-25 करोड़ (और असाधारण मामलों में ₹50 करोड़ तक) की माइलस्टोन-लिंक्ड फंडिंग प्रदान की जाएगी। कॉन्सेप्ट नोट जमा करने की अंतिम तिथि 7 नवंबर 2025 है।

राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन / National Critical Mineral Mission

राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन / National Critical Mineral Mission

खनन मंत्रालय ने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) के तहत दो नए संस्थानों – इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बैंगलोर और सेंटर फॉर मैटेरियल्स फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (C-MET), हैदराबाद को एक्सीलेंस सेंटर (CoE) के रूप में मान्यता दी है। इसके साथ ही कुल मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या 9 हो गई है। यह निर्णय 24 अक्टूबर 2025 को आयोजित प्रोजेक्ट अप्रूवल एंड एडवाइजरी कमेटी (PAAC) की बैठक में लिया गया, जिसकी सह-अध्यक्षता श्री पीयूष गोयल, खान मंत्रालय के सचिव और प्रो. अभय करंदीकर, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने की। ये केंद्र क्रिटिकल मिनरल वैल्यू चेन में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देंगे।

एचएलएल लाइफकेयर का भारत सरकार को लाभांश भुगतान / HLL Lifecare Dividend Payment to Government of India

एचएलएल लाइफकेयर का भारत सरकार को लाभांश भुगतान / HLL Lifecare Dividend Payment to Government of India

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत मिनी-रत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत सरकार को 69.53 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश भुगतान किया है। यह कंपनी द्वारा अब तक किए गए सबसे उच्च लाभांश भुगतानों में से एक है। लाभांश चेक कंपनी की अध्यक्ष डॉ. अनीता थाम्पी द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा को सौंपा गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी का परिचालन राजस्व 4,500 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20% की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी की शुद्ध संपत्ति 31 मार्च 2025 तक 1,100 करोड़ रुपये हो गई।