उपराष्ट्रपति का ‘AI माहाकुंभ’ संबोधन: स्कूली पाठ्यक्रम में AI, जिम्मेदार विकास पर जोर | Vice-President on AI Evolution – Student Exam Portal

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AI माहाकुंभ: उपराष्ट्रपति ने स्कूली पाठ्यक्रम में AI, नैतिक विकास पर जोर दिया / AI Mahakumbh: VP Stresses AI in Curriculum, Ethical Development
23 दिसंबर 2025 – दैनिक करंट अफेयर्स
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने 23 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित “AI एवोल्यूशन – द माहाकुंभ ऑफ AI” राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और आउटलुक पत्रिका द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने AI पाठ्यक्रम जारी किए और स्कूलों व कॉलेजों के पाठ्यक्रम में AI को अनिवार्य रूप से शामिल करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि AI अब भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि वर्तमान की वास्तविकता है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त, शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को बदल रही है। भारत की 65% से अधिक युवा आबादी को जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने कहा कि नैतिक और जिम्मेदार AI विकास के माध्यम से भारत न केवल आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करेगा, बल्कि विश्व को इसके भविष्य को आकार देने में मार्गदर्शन भी करेगा
📘 मुख्य तथ्य (Important Points)
👉उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने 23 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में “AI एवोल्यूशन – द माहाकुंभ ऑफ AI” राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।
👉सम्मेलन का आयोजन गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU), AICTE और आउटलुक पत्रिका द्वारा किया गया था।
👉उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर नए AI पाठ्यक्रम जारी किए
👉उन्होंने जोर देकर कहा कि AI स्कूल और कॉलेज पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग होना चाहिए।
👉शुरुआती एक्सपोजर से छात्रों में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान कौशल और भविष्य के लिए तैयार योग्यताएं विकसित होंगी।
👉उन्होंने कहा कि AI अब भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि वर्तमान की वास्तविकता है।
👉AI स्वास्थ्य देखभाल निदान, जलवायु मॉडलिंग, शासन, शिक्षा, वित्त और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है।
👉भारत की लगभग 65% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, यह एक जनसांख्यिकीय लाभांश है।
👉इस लाभांश का सदुपयोग करके भारत AI के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी राष्ट्र के रूप में उभर सकता है।
👉AI का आत्मनिर्भर, समावेशी और तकनीकी रूप से सशक्त विकसित भारत @2047 की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान है।
👉उपराष्ट्रपति ने जिम्मेदार और नैतिक AI के महत्व पर जोर दिया।
👉उन्होंने कहा कि किसी भी वैज्ञानिक उन्नति से मानवता को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए
👉तकनीक का अंतिम लक्ष्य लोगों को सुखी, समृद्ध और गरिमामय जीवन जीने में मदद करना होना चाहिए।
👉AI को मानव बुद्धि का विस्तार करना चाहिए और नैतिक सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होकर सामाजिक कल्याण और सार्वजनिक हित को आगे बढ़ाना चाहिए।
👉उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत अपनी प्रतिभा, दूरदर्शिता और मूल्यों के साथ न केवल AI को जिम्मेदारी से अपनाएगा, बल्कि विश्व को इसके भविष्य को आकार देने में मार्गदर्शन भी करेगा
👉कंप्यूटरों के आगमन के साथ समानता बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक तकनीकी उन्नति के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू होते हैं
👉जिम्मेदारी इस बात में है कि तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से उपयोग कैसे किया जाए
👉शैक्षणिक संस्थानों को तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तनों के साथ कदम मिलाकर चलने और उत्कृष्टता और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित होना चाहिए।
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1. “AI एवोल्यूशन – द माहाकुंभ ऑफ AI” राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किसने किया?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली और NITI आयोग
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU), AICTE और आउटलुक पत्रिका
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और NCERT
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनियां (NASSCOM)
2. उपराष्ट्रपति के अनुसार, AI को स्कूल और कॉलेज पाठ्यक्रम में क्यों शामिल किया जाना चाहिए?
केवल तकनीकी नौकरियों के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए
छात्रों में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान कौशल और भविष्य के लिए तैयार योग्यताएं विकसित करने के लिए
पारंपरिक विषयों के महत्व को कम करने के लिए
केवल प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता सुनिश्चित करने के लिए
3. भारत के संदर्भ में ‘जनसांख्यिकीय लाभांश’ से क्या तात्पर्य है, जिसका AI के क्षेत्र में उल्लेख किया गया?
देश में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता
लगभग 65% आबादी का 35 वर्ष से कम आयु में होना, जो एक कुशल कार्यबल प्रदान करता है
देश में बड़ी संख्या में तकनीकी संस्थानों का होना
सरकार द्वारा AI अनुसंधान के लिए प्रदान किया गया विशाल बजट
4. उपराष्ट्रपति ने जिम्मेदार और नैतिक AI के संबंध में क्या बल दिया?
AI का विकास पूरी तरह से निजी कंपनियों के हाथों में छोड़ देना चाहिए
AI तकनीक को सिर्फ आर्थिक लाभ के लिए विकसित किया जाना चाहिए
AI को मानव बुद्धि का विस्तार करना चाहिए और नैतिक सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होकर सामाजिक कल्याण को आगे बढ़ाना चाहिए
AI अनुसंधान पर सभी प्रतिबंध हटा दिए जाने चाहिए
5. AI का भारत के राष्ट्रीय लक्ष्यों से कैसा संबंध बताया गया?
यह आत्मनिर्भर, समावेशी और तकनीकी रूप से सशक्त विकसित भारत @2047 की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगी
यह केवल सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र तक ही सीमित रहेगी
इसका उपयोग केवल रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में किया जाएगा
यह केवल शहरी क्षेत्रों के विकास में मदद करेगी
6. उपराष्ट्रपति ने कंप्यूटरों के आगमन के साथ AI की तुलना करते हुए क्या कहा?
AI को कंप्यूटरों की तरह ही प्रतिबंधित कर देना चाहिए
AI कंप्यूटरों से कहीं अधिक खतरनाक है
प्रत्येक तकनीकी उन्नति के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू होते हैं, जिम्मेदारी इसे रचनात्मक तरीके से उपयोग करने की है
AI कंप्यूटर प्रौद्योगिकी को पूरी तरह से अप्रचलित बना देगी
7. उपराष्ट्रपति के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों को AI के युग में कैसे विकसित होना चाहिए?
केवल परंपरागत शिक्षण विधियों पर ध्यान केंद्रित करके
तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तनों के साथ कदम मिलाकर चलकर और उत्कृष्टता व नवाचार के केंद्र बनकर
विदेशी विश्वविद्यालयों से सहयोग बढ़ाकर
केवल शोध पत्र प्रकाशित करने पर ध्यान देकर
8. सम्मेलन में उपराष्ट्रपति ने क्या जारी किया?
राष्ट्रीय AI नीति दस्तावेज
AI पाठ्यक्रम (AI Curricula)
AI स्टार्टअप्स के लिए वित्त पोषण योजना
राष्ट्रीय AI पुरस्कार
9. उपराष्ट्रपति ने AI के वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका के बारे में क्या कहा?
भारत को केवल AI तकनीक का उपभोक्ता बनना चाहिए
भारत को AI के क्षेत्र में विदेशी निवेश पर निर्भर रहना चाहिए
भारत अपनी प्रतिभा और मूल्यों के साथ न केवल AI को जिम्मेदारी से अपनाएगा, बल्कि विश्व को इसके भविष्य को आकार देने में मार्गदर्शन भी करेगा
भारत को AI विकास में चीन का अनुसरण करना चाहिए
10. AI वर्तमान में किन क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जैसा कि भाषण में बताया गया?
केवल मनोरंजन और गेमिंग उद्योग
केवल वित्तीय बाजार और शेयर व्यापार
स्वास्थ्य देखभाल निदान, जलवायु मॉडलिंग, शासन, शिक्षा, वित्त और राष्ट्रीय सुरक्षा
केवल कृषि और पशुपालन
📋 Answer Key
✅ Correct: 0
❌ Wrong: 0
📊 0%

📋 Answer Key

  1. Q1: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU), AICTE और आउटलुक पत्रिका
  2. Q2: छात्रों में आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान कौशल और भविष्य के लिए तैयार योग्यताएं विकसित करने के लिए
  3. Q3: लगभग 65% आबादी का 35 वर्ष से कम आयु में होना, जो एक कुशल कार्यबल प्रदान करता है
  4. Q4: AI को मानव बुद्धि का विस्तार करना चाहिए और नैतिक सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होकर सामाजिक कल्याण को आगे बढ़ाना चाहिए
  5. Q5: यह आत्मनिर्भर, समावेशी और तकनीकी रूप से सशक्त विकसित भारत @2047 की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगी
  6. Q6: प्रत्येक तकनीकी उन्नति के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू होते हैं, जिम्मेदारी इसे रचनात्मक तरीके से उपयोग करने की है
  7. Q7: तेजी से हो रहे तकनीकी परिवर्तनों के साथ कदम मिलाकर चलकर और उत्कृष्टता व नवाचार के केंद्र बनकर
  8. Q8: AI पाठ्यक्रम (AI Curricula)
  9. Q9: भारत अपनी प्रतिभा और मूल्यों के साथ न केवल AI को जिम्मेदारी से अपनाएगा, बल्कि विश्व को इसके भविष्य को आकार देने में मार्गदर्शन भी करेगा
  10. Q10: स्वास्थ्य देखभाल निदान, जलवायु मॉडलिंग, शासन, शिक्षा, वित्त और राष्ट्रीय सुरक्षा
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