डॉ. अंबेडकर vs बी.एन. राव: संविधान निर्माण में तुलना

डॉ. अंबेडकर vs बी.एन. राव: संविधान निर्माण में तुलना

निष्पक्ष, तथ्य-आधारित, आधिकारिक स्रोतों के साथ

तारीख: 9 नवंबर 2025 | स्रोत: संविधान सभा बहसें, भारत सरकार

🚨 प्रासंगिकता

यह दावा अक्सर सुनाई देता है: “अंबेडकर ने कुछ नहीं किया, सब बी.एन. राव ने लिखा”
यह अधूरा और भ्रामक है। नीचे तथ्यों से तुलना:

📌 मिथक बनाम हकीकत

मिथक: बी.एन. राव ने संपूर्ण संविधान लिखा, अंबेडकर ने केवल नाम दिया।
हकीकत: राव ने प्रारंभिक मसौदा तैयार किया, लेकिन अंबेडकर ने अंतिम रूप, संशोधन, बहस और नेतृत्व किया।


1. मूल भूमिका और स्थिति

पहलूडॉ. भीमराव अंबेडकरसर बेनेगल नरसिंग राव (बी.एन. राव)
पदड्राफ्टिंग कमिटी अध्यक्ष (29 अगस्त 1947)संवैधानिक सलाहकार (1946)
संविधान सभा में सदस्यताचुने हुए सदस्य (बंगाल)कोई सदस्य नहीं
कानूनी स्थितिकानून मंत्री, भारत सरकारसिविल सर्वेंट, जज
स्रोतसंविधान सभा, Vol. Vभारत सरकार अधिसूचना, 1946

2. ड्राफ्टिंग प्रक्रिया में योगदान

चरणबी.एन. रावडॉ. अंबेडकर
आरंभिक ड्राफ्ट1947 में 243 अनुच्छेद का रफ ड्राफ्टनहीं बनाया
अंतिम ड्राफ्टनहीं395 अनुच्छेद, 4 नवंबर 1948 को पेश
संशोधनसीमित7,635 में से 2,473 स्वीकृत
सभा में बहसकोई भाग नहीं114 दिन, क्लॉज-दर-क्लॉज डिफेंस
स्रोतराव का ड्राफ्ट, 1947Vol. VII, 4 Nov 1948
“अंततः डॉ. अंबेडकर पर ही सारा बोझ पड़ा। बाकी सदस्य या तो मर गए, या बीमार रहे… अंबेडकर ने ही सब कुछ किया।”
— टी.टी. कृष्णमाचारी (ड्राफ्टिंग कमिटी सदस्य), 25 नवंबर 1949, Vol. XI

3. मुख्य प्रावधानों में योगदान

प्रावधानबी.एन. रावडॉ. अंबेडकर
मौलिक अधिकारतकनीकी आधारअंतिम रूप, अनुच्छेद 17 (अस्पृश्यता)
आरक्षणकोईअनुच्छेद 330–342
राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत (DPSP)आयरलैंड से सुझावअनुच्छेद 36–51, सामाजिक क्रांति
न्यायिक समीक्षाकोईअनुच्छेद 13, 32
Due Process → Procedure‘Due Process’ सुझायाबदला, अनुच्छेद 21

4. संविधान सभा में मान्यता

“श्रेय मुख्य रूप से डॉ. अंबेडकर और उनकी कमिटी को।”
— डॉ. राजेंद्र प्रसाद (संविधान सभा अध्यक्ष)

स्पष्टीकरण: जबकि बी.एन. राव ने प्रारंभिक मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता दी, संविधान के राजनीतिक, सामाजिक और दार्शनिक ढांचे का निर्माण ड्राफ्टिंग कमिटी (अंबेडकर के नेतृत्व में) और संविधान सभा ने किया।


5. आधिकारिक मान्यता

संस्थाअंबेडकर कोबी.एन. राव को
भारत सरकार“संविधान के जनक”कोई आधिकारिक उपाधि नहीं
भारत रत्न (1990)मरणोपरांतनहीं
सुप्रीम कोर्ट“मुख्य शिल्पकार”कोई उल्लेख नहीं
लोकसभा मोनोग्राफ“Chief Architect”“सलाहकार”

6. निष्कर्ष: सच्चाई तालिका

दावासत्य
“अंबेडकर ने कुछ नहीं किया”❌ झूठ
“बी.एन. राव ने सब लिखा”⚠️ अधूरा
वास्तविकता✅ अंबेडकर ने अंतिम रूप, संशोधन, बहस, और नेतृत्व किया
“श्रेय मुझे नहीं, ड्राफ्टिंग कमिटी और संविधान सभा को।”
— डॉ. अंबेडकर (25 नवंबर 1949) — यह विनम्रता थी, न कि इनकार।

🎯 अंतिम निष्कर्ष

बी.एन. राव एक महत्वपूर्ण तकनीकी सलाहकार और प्रारंभिक मसौदाकार थे।
डॉ. अंबेडकर ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष, संविधान के मुख्य वास्तुकार, और उसके सामाजिक-राजनीतिक दर्शन के प्रमुख निर्माता थे।

दोनों ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं, लेकिन संविधान का अंतिम स्वरूप और ऐतिहासिक श्रेय डॉ. अंबेडकर को जाता है।


📚 आधिकारिक स्रोत (सभी लिंक कार्यशील)